वर्षा बर्मन : कमजोर, अबला, बेसहारा कहकर खुद कोलाचारों-सा बर्ताव नहीं करूंगी आज,नारीत्व की श्रेष्ठता का गान गवा करबेमतलब सम्मान… READ MORE
मनीषा शहारे: लिव इन रिलेशनशिप यह संकल्पना पाश्चिमात्य देशों में बहुत पहले से चल रही है। यह रिश्ते विदेशों में… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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