दीवान डुडवे: प्राचीन समय से आज तक आदिवासी अपनी रूढ़ि-प्रथा अर्थात रीति-रिवाजों से प्रशासित व संचालित होते आ रहे हैं,… READ MORE
केसर सिंह: सृष्टि के क्रमिक विकास यानि बदलाव से ही आज हम इंसान यहाँ इकट्ठे होकर एक दूसरे से मिल… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress