सौरभ : हम सब..सारे लोग..पेड़ और पौधे..नदी और झरने,सारे पशु..सारी पक्षियाँ..सारे कीड़े..और मकौड़े..हम कितने भी अलग होंपर हम सब एक… READ MORE
समाज में क्रांति कैसे आएगी, यह समाज का या हम सबका सबसे अहम मुद्दा है जो आसान नहीं है लेकिन… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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