आदिवासियों की सारी ज़मीन उनके हाथों से धीरे-धीरे निकलती जा रही थी। इन सब से परेशान आदिवासियों का गुस्सा उनके… READ MORE
আদিমা মজুমদার ও জুহেব জনি (आदिमा मजूमदार और जुहेब जॉनी): ১৯১২ খ্রিস্টাব্দের ১৬ ডিসেম্বর শ্রীহট্টের হবিগঞ্জ মহাকুমার মিরাশি গ্রামে (… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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