मैत्री शर्मा : नारी हो तुम नारीसारी गलती है तुम्हारीइस नारी देह में जन्म लियाक्यूँ न इसे ठुकरा दिया।तुम क्यों… READ MORE
अनुज बेसरा: पुरखों ने कहा थाप्रकृति से जुड़े रहना।पुरखों ने कहा थाप्रकृति से जुड़े रहना। रोज़ सुबह उठकर बुधनीखुले बाल,… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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