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विनीत काण्डपाल : सत्यनारायण व्यास जी की आत्मकथा ‘क्या कहूं आज’ उनके संघर्ष की कथा है। ऐसा अनवरत संघर्ष जिसने… READ MORE
नंदिनी शर्मा : कभी-कभी बातों से लड़-झगड़कर उलझनों में गुम हो जाते हैं….सब की खुशी का ध्यान कर फिर न… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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