सौम्या रिहा: जब आप ट्रेन में बैठते हैं तो मुझे लगता है कि आपको किताब और फ़ोन की ज़रुरत नहीं… READ MORE
पंकज देवरे: मैं मध्यप्रदेश के एक छोटे से गाँव, पानसेमल से हूँ जो महाराष्ट्र बाउंड्री से लगा हुआ हैI मैं… READ MORE
शैलेश: कैसे सत्ता का दुरुपयोग और न्याय, समानता, समता, और बंधुता के मूल्यों का हनन, ज़िम्मेदारी उठाने की स्थिति में… READ MORE
आशीष कुमार, अवध पीपल फॉरम, अयोध्या (फैज़ाबाद) (उत्तर प्रदेश) जब मैं 14 साल की उम्र का था तब मैं अपनी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress