मधुरेश कुमार : सबसे ख़तरनाक होता है हमारे सपनों का मर जाना…अवतार सिंह ‘पाश’ अनिल चौधरी उर्फ़ अनिल दा, ऐसे… READ MORE
लाल प्रकाश राही : हम पौधे और बीज लगाते है, वे शाखाएं लगाते हैं,हम धान रोपते हैं और फसल उगाते… READ MORE
मानस भारद्वाज: अब जब जंग का वक़्त चल रहा हैमैं प्यार की बात कर रहा हूँमैं एक सैनिक हूँ…जब कोई… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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