तरुण जोशी: भारत को युवाओं का देश कहा जाता है। पूरी दुनिया के मुकाबले में हिंदुस्तान में युवाओं की संख्या… READ MORE
नौशेरवां आदिल: पता नहीं चल रहा हमे कि कौन क्या है! इंसान के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ, ऊँच-नीच… READ MORE
आदित्य दत्ता: इस बात में कोई दो मत नहीं है कि प्राचीन भारत विज्ञान में काफी बढ़ा –चढ़ा था I… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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