सिद्धार्थ: ये बात साल 1994 की है, मेरी उम्र तब 9 साल की थी और मैं मेरे परिवार के साथ… READ MORE
अफाक़ उल्लाह: चौक एज में घंटाघर से गुलाबबाड़ी की तरफ़ जाते हुए बायें हाथ पर एक 1920 के करीब शुरू… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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