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अमित: भुक्ता बुद्धिहीन एक दिन अपने गधे पर सवार बाज़ार के बीच निकल रहा था। गधा एकदम बुलेट ट्रेन की… READ MORE
विश्वजीत नास्तिक: तुम पिज़्ज़ा बर्गर खाओ तो तुम अच्छे हो,अगर हम लिट्टी-चोखा खाए तो हम बिहारी हैं! तुम कोट, पैंट… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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