नौशेरवाँ आदिल: तुम मंदिरों में करो पूजा-पाठ तो तुम देश भक्त, मैं मस्जिदों में पढ़ूँ नमाज़ तो में आतंकवादी! तुम… READ MORE
देवेंद्र: भारतीय संविधान और प्रतिष्ठा / गरिमा और अवसर की समता का अर्थ – मानव सभ्यता के इतिहास में समानता… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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