(राग – रंग) जलेश्वर महतो: बाड़ली सेयान भेली,घर दूरा छोड़ी देली,पढ़ली लिखली हायरे,नोकरी नही पाली…… ।।1।।सरकारक सासन देखी,दिला घबराय नी… READ MORE
अरविंद अंजुम: बेरोज़गार युवा विस्थापित संगठन की ओर से रोज़गार की मांग अब ज़ोर पकड़ने लगी है। ये युवा उन… READ MORE
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प्रियंका खेस: पिछले कई वर्षों से आपने देखा होगा कि किस प्रकार गाँवों की आबादी धीरे-धीरे घटती जा रही है।… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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