Arshia Kashyap: The Zafar Mahal was not always a rundown structure where children came to play and adults came to… READ MORE
री-पोस्ट, युवानिया पत्रिका: 12 वीं पास ये सज्जन करते हैं मोची का काम, देते हैं यूनिवर्सिटियों में लैक्चर और इनके… READ MORE
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अमित : ज़रा सोच कर देखिये, क्या कोई शहर या हवाई अड्डे का नामकरण किसी कवि के नाम पर हुआ… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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