शैलेश: हम अक्सर बातों-बातों में अपने विचारों को सभी के समक्ष रख देते हैं और हमारी भाषा हमारे व्यवहार को… READ MORE
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हाफीज़ किद्वाई: इन्हें भोजपुरी का शेक्सपियर कहते हैं, मगर मुझे ऐसी संज्ञाएँ नापसंद हैं। अगर कोई शेक्सपियर को पश्चिम का… READ MORE
सिद्धार्थ: इंसान के पाषाण काल के दौर से आज तक के सफर को तय करने और इस दौरान विकसित होने… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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