गुफरान: भोजन वो चीज़ जिसे गरीब आदमी खाता है, नेता खाते हैं (पर मतलब कुछ और होता है), और संयुक्त… READ MORE
राजकुमार सिन्हा: भारत में आदिवासियों/मूलनिवासियों का जंगलों से रिश्ता सहअस्तित्व के सिद्धांत पर आधारित है। ऐतिहासिक दृष्टि से वन एवं… READ MORE
गोपाल लोधियाल: पहाड़ों में हैं गाँव सूने, तुम चले हो जश्न मनाने?जो पीड़ा थी तब हिया में, वही आज भी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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