मंजुलता मिरी व राजिम केटवास: अप्रैल माह में, छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले के गाँवों में हम लोग अक्ती तिहार (त्यौहार)… READ MORE
कविता कृष्णपल्लवी: सुखी-सम्पन्न लोग अक्सरअपने अकेलेपन की बातें करते हैं Iथोड़ी दार्शनिक मुद्रा में अक्सरवे कहते हैं कि सबकुछ होते… READ MORE
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अरविंद अंजुम: काश मैं सबको इस बात के लिए मना सकता कि सिविल नाफरमानी हर नागरिक का जन्मजात अधिकार है।… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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