छोटूसिंह रावत : जहाँ न भीड़ हो, न शोर हो,बस हवाओं में ख़ामोशी का जोर हो,उस जगह पर हम हों।जहाँ… READ MORE
श्रुतिका साह: छलांगो और छलांगो…कभी आसमां जकड़ने की कामना से छलांगो,कभी तपते सूरज को लाठी पर से सरकाने की उम्मीद… READ MORE
अंजू मल्होत्रा: मैं और मेरी तन्हाई,अक्सर ये बातें करते हैं,आप होते तो कैसा होता,आप ये कहते, मैं वो कहती,आप इस… READ MORE
प्रथ्वीराज सिंह: ” कुछ पल भले हीमृत्यु के होंहोते हैं उत्सव जैसे जैसे रात सोयेखाने के बाद औरसुबह की चाय… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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