छोटूसिंह रावत : जहाँ न भीड़ हो, न शोर हो,बस हवाओं में ख़ामोशी का जोर हो,उस जगह पर हम हों।जहाँ… READ MORE
अंजू मल्होत्रा: मैं और मेरी तन्हाई,अक्सर ये बातें करते हैं,आप होते तो कैसा होता,आप ये कहते, मैं वो कहती,आप इस… READ MORE
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नमिता पूनम: पइढ़-लिख के भी जिनगी,ढ़पियाते दिन जाथे!आइज हिञा तो काइल हुवां कर,चक्कर काटते दिन सिराथे।१। गांव- समाज में तो… READ MORE
सबिता बनर्जी : दरिंदगी में पिसती बेटियां,कभी निर्भया, कभी संजली,कभी फुलन, कभी मधुमिता,ये तो वो नाम हैं जो दरिंदगी की… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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