|
पूजा यादव: रक्षा बंधन के बाद हमारे यहाँ एक छोटा-सा मेला लगता है, जिसको पड़इनिया का मेला कहते हैं। यह… READ MORE
आशीष कुमार: गीत-संगीत की अपनी एक निराली दुनिया होती है जो शौकिया शुरू होकर, एक दिन किसी की रोज़ी-रोटी का… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress