महिपाल मोहन: शिक्षा पाना हर एक बच्चे का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन क्या स्कूल चले जाने मात्र से ही वो… READ MORE
मानस भारद्वाज: अब जब जंग का वक़्त चल रहा हैमैं प्यार की बात कर रहा हूँमैं एक सैनिक हूँ…जब कोई… READ MORE
युवाओं के लिए समर्पित युवानिया पत्रिका में हमारी प्राथमिकता यही रहती है कि वे अलग-अलग माध्यमों से अपनी रचनात्मकता को… READ MORE
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साधना: एक सज्जन रेलवे स्टेशन पर बैठे थे और गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। तभी जूते पालिश करने वाला… READ MORE
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सिम्मी: यूँ तो जिस किसी भी शिक्षक चाहे सरकारी हो या गैर सरकारी, हर कोई यह बताने और सिद्ध करने… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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