धरती कितनी बड़ी किताब – कविता
यह कविता हमें सिखाती है कि आस पास की प्रकृति को बारीकी से देखना चाहिए। इससे हमे बहुत सी नई बातें पता चलती हैं। बच्चों को यह कविता सिखानी चाहिए और उनके साथ मिलकर माँ-बाप और टीचर्स को प्रकृति का अवलोकन करना चाहिए।
अनवारे इस्लाम:
जीवन के आने जाने का,
इस दुनिया के बन जाने का,
इसमें लिक्खा सभी हिसाब-
धरती कितनी बड़ी किताब!
खोल-खोल कर बाँचा इसको,
देखा-परखा, जाँचा इसको,
निकला है अनमोल खज़ाना,
मानव का इतिहास पुराना।
सब अच्छा, कुछ नहीं खराब,
धरती कितनी बड़ी किताब!
खोद-खोद कर गहराई से,
बहुत मिला धरती माई से,
इन चीजों से जाना हमने,
धरती को पहचाना हमने।
थोड़ा तुम भी पढ़ो जनाब,
धरती कितनी बड़ी किताब!
चाँदी-सोना इसके अंदर,
हीरे-पन्ना इसके अंदर,
इसमें बीती हुई कहानी,
इसमें छिपा हुआ है पानी।
इसे पढ़ो बन जाओ (विद्वान)नवाब,
धरती कितनी बड़ी किताब!
धरती कितनी बड़ी किताब!
प्रेरणा गीत
समाज में बदलाव लाने के लिये बच्चों को प्रेरित करता एक गीत – स्कूल में रोज़ सवेरे गाने के लिए
आज का दिन करें सफ़ल,
सीखें नई नई बात,
अच्छे अच्छे काम करें
रहें प्यार से साथ साथ।
एक के लिए सब हैं
सब के लिए हम एक,
हम सारे हाथ मिलाएंगे
नया समाज बनाएंगे।
जहां न सट्टा दारू हो
हर हाथ को काम हो
कर्ज़े में न किसान हो
महिला पुरुष समान हो।
पेड़ नए उगाएंगे
जंगल को बचाएंगे
पानी मिट्टी रोक कर
धरती को बचाएंगे।
क्या है अच्छा, क्या बुरा
सोचकर, पहचान कर
इतिहास को जानकर
नवली वाट बनाएंगे।
हिम्मत अपनी भारी है
ताकत अपनी भारी है,
एका जब रंग लाएगी
उजला गांव बनाएगी।

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