जितेन्द्र तबियाड, मन्ना लाल नेनोमा: वीर बाला कालीबाई भील कलासुआ डूंगरपुर ज़िले के रास्तापाल गाँव की एक भील बालिका थी।… READ MORE
मनीषा शहारे : महुआ के पेड़ को आप सभी लोग जानते ही होंगे। यह ग्रामीण क्षेत्रों, जंगलों और खेतों में… READ MORE
ख़ीमा जेठी: उत्तराखंड की सबसे कम जनसंख्या वाली जनजाति ‘राजी जनजाति’ है। यह जनजा ति एक अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत को… READ MORE
भरत लक्ष्मण पटेला की कहानी, रोहित चौहान के शब्दों में : ये फोटो मेरी है। आप सोच रहे होंगे की… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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