शिवांशु: पिछले दिनों मैं फिल्म देखने के क्रम में था उस दौरान मुझे खोजते हुये एक मराठी फिल्म मिली नाम… READ MORE
सत्यम: कविता क्या है? जब हम यह सोचने एक दिन बैठे तो कई खयाल आए। लेकिन जब हमें हिन्दी के… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress