ଲୋଚନ ବରିହା (लोचन बरिहा): ଜଲ ଜଂଗଲ ଜମୀନ୍ ମାଁ ବୁଆ ରେ ଆମେ ଇ ମାଟିର ଛୁଆ ଜଂଗଲ ହେଉଛେ ଆମ୍ କେ ସାହାରେ ଆମେ… READ MORE
ଲୋଚନ ବରିହା (लोचन बरिहा): ଶୁନ ଶୁନ ମାଁ ବହେନ ଦଦା ଭାଇ ଶୁନ।ଚଲୁଛେ ଭାରତେ ଆମର ଭାରତୀୟ ସମ୍ବିଧାନ।।ସର୍ବଭୌମ୍ୟ ଗଣରାଜ୍ୟ ଭାଇ ରେ ଲୋକଙ୍କ ସାଶନ।।ଇଟା… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress