रिम्पी सिंह, ज्योति गोपाल, खुश्बू यादव
1. क्या शादी के पहले एक लड़की या लड़के को एक साथ रिश्ता रखना गलत है आपकी क्या राय है
ज्योति गोपाल: ये गलत नहीं है। शादी एक बड़ा फैसला है जिससे पहले आपको अपने साथी को अच्छे से जानना और सोच समझ कर चुनाव करना ज़रूरी है। इसलिए जान पहचान करना ज़रूरी है।
2. अभी हाल में ही सुप्रीम कोर्ट ने इसे मान्यता दे दी है क्या यह मानता नहीं देनी चाहिए थी ?
खुश्बू यादव: मेरे हिसाब से सुप्रीम कोर्ट को ऐसे रिश्तों को मान्यता नहीं देनी चाहिए थी। ऐसे रिश्तों की स्थिति में काफ़ी दिक्कत होती है। जब ऐसे रिश्ते टूट जाते हैं तब बहुत बुरा होता है। कई बार जिंदगी खराब हो जाती है और लोगों की जान भी चली जाती है। कोई लड़की खुदकुशी कर लेती है तो किसी को मार दिया जाता है।
ज्योति गोपाल: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय माप दंड के हिसाब से देखें तो ये अच्छा कदम है। इससे युवाओं का हौसला बढ़ेगा। और इससे यह भी फायदा है कि यदि ऐसे रिश्ते में कुछ गलत होता है तो लड़का लड़की कानून की मदद ले सकते हैं।
3. क्या युवाओं को अपने समाज की सोच के अनुसार ही चलना चाहिए उनके खिलाफ नहीं जाना चाहिए?
रिम्पी सिंह: हमारे नज़रिये से देखा जाए तो सामाजिक मान्यताओं के खिलाफ नहीं जाना चाहिए और शादी से पहले ऐसा कोई भी संबन्ध आपस में युवाओं को नहीं रखना चाहिए जिससे हमारे परिवार संस्था पर गलत असर पड़े। इस लिए शादी से पहले शारीरिक रिश्ता नहीं रखना चाहिए।
ज्योति गोपाल: समाज बेहतर तब बनता है जब हम समय के साथ निरन्तन बदलाव करते है । एक स्थाई व्यवस्था कभी फलती फूलती नहीं। बदलाव प्रकृति का नियम है। बेहतर समाज के लिए युवाओं को समाज से हटकर सोचना चाहिए तभी समाज समय के।अनुकूल चलता रहेगा।
खुश्बू यादव: मेरी सोच है कि युवाओं को समाज के खिलाफ नहीं जाना चाहिए। क्योंकि कुछ नियम बहुत ज़रूरी होता है। अपनी लाइफ में कुछ नियम बनाना बहुत ज़रूरी होता है। शादी के पहले हम एक दूसरे के साथ रह सकते हैं लेकिन शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए।
4. क्या इससे विवाह संस्था को खतरा है?
रिम्पी सिंह: हमारी समझ से विवाह संस्था को खतरा है क्योंकि शादी से पहले लड़का लड़की आपस में शारिरिक संबन्ध नहीं बनाना चाहिए। हमारा समाज इस रिश्ते को किसी भी तरह की मान्यता नहीं देता है। इससे वैवाहिक जीवन पर गलत असर पड़ता है। खतरा भी रहता है।
ज्योति गोपाल: ज़रूरी नहीं ऐसे रिश्तों से शादी को खतरा हो। हो सकता है उनका रिश्ता साथ रहने से अच्छा ही हो जाए। हो सकता है उन नियमों में कुछ बदलाव की ज़रूरत हो? या फिर हो सकता है वो नियम कुछ ठीक ना हो? या फिर हो सकता है नयी सोच से नए नियम बनाये जा सकते हों?
खुश्बू यादव: मेरे अनुसार इस तरह के संबंधों से विवाह संस्था को खतरा है। लड़का लड़की शादी से पहले कुछ नहीं कर सकते। शादी का मतलब केवल शारीरिक संबंध बनाने से नहीं होता। शादी के बिना शारीरिक संबंध बनाकर रहने से शादी संस्था को खतरा है।

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