राजेश बर्डे:
मेरा नाम राजेश बर्डे है, ग्राम रेटवा, पोस्ट दसनावल, तहसील गोगावां, जिला खरगोन म.प्र.। मैं नर्सिंग कॉलेज इंदौर से बीएससी नर्सिंग कर रहा हूँ। मैं खरगौन ज़िले में राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा संगठन का जिला प्रभारी हूं, और सामाजिक कार्यकर्ता के रुप में खरगोन जिले के 9 ब्लॉक में काम करता हूं। मैं हमेशा गरीब लोगों की दबी हुई आवाज़ उठाता हूं, चाहें वो किसी भी जाति-धर्म के हों। अगर उनके साथ अन्याय और अत्याचार होता है तो उनके साथ हमारा राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा संगठन खड़ा रहेगा, और हमारी पूरी टीम गरीब व्यक्ति के साथ खड़े होकर उसको न्याय दिलाएगी।
अभी ऐसी ही एक घटना खरगोन ज़िले के सेगाव ब्लॉक के भिकारखेड़ी गाँव में हुई। वहाँ के सरपंच और सचिव, गाँव में सरकारी योजनाओं को ठीक से लागु नहीं करवा रहे थे और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों से प्रतिव्यक्ति 5 हज़ार रुपए ले रहे थे। ये दोनों ही गाँव वालों को ‘जो करना है कर लो’ बोलकर डरा-धमका रहे थे। ये बात मुझे संगठन के साथियों रूपसिंह वास्के, सुनिल चौहान और रमेश चौहान आदि से पता चली। इसके बाद मैं अपनी पूरी टीम के साथ इंदौर से खरगोन के ब्लॉक सेगाव के ग्राम भिकारखेड़ी गाँव पहुँच गया। सरपंच और सचिव को बुलाने पर वो लोग नहीं आए। फिर हमारी पूरी टीम और गाँव वालों ने जाकर आरटीआई लगाई, जिससे सरपंच आर सचिव के काले-कारनामे सामने आ गए।
हमारा संगठन राष्ट्रीय क्रांति मोर्चा का मकसद है कि हम किसी भी गरीब व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने देंगे, हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे। एक और घटना हमारे आदिवासी भाईयों के साथ, खरगोन जिले के बिस्टान ब्लॉक के भातुड़ गाँव की हैं। कुछ दिनों पहले ही एक रात को 9:20 के आस-पास मुझे एक फोन कॉल आया, ये कॉल भातुड़ से केशराम चौहान ने की थी। केशराम ने बताया कि 13 जुलाई को तेज बारिश से उनके खेत की मेड़ का पाला टूट गया, जिस कारण वह अपनी पत्नी रेशमा बाई, और उनके 2 पुत्रों अनिल चौहान व अर्पित चौहान के साथ मिलकर खेत के पाले को ठीक कर रहे थे। तभी पड़ोसी के खेत से 5 लोग आए और उन्हें फावड़े से बुरी तरह पीटा। इसकी वजह से केशराम को हाथ में चोट आई और उनके हाथ में 7 टांके आएं, उनकी पत्नी रेशमा बाई को माथे पर चोट लगी और 12 टाके आएं, अनिल को भी माथे में 10 टांके आए, और अर्पित चौहान को भी बुरी तरह पीटा गया।
केशराम चौहान ने आगे बताया कि पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के 40 से 45 रोज़ के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है। केशराम चौहान ने यह भी बताया कि उन्होने एसपी को भी आवेदन दिया लेकिन उसके 15 दिन बाद तक भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है। केशरम के पुलिस द्वारा धमकाए जाने की भी बात कही और यह भी कहा कि मार-पीट का आरोपी भगवानपुरा के विधायक केदार डावर का रिश्तेदार है। केशराम ने मुझे इंदौर से खरगोन आने को कहा, और न्याय की गुहार लगाई। मैं अगले ही दिन इंदौर से खरगोन अकेला ही पहुंचा, और खरगोन से अपनी पूरी टीम के साथ पीड़ित केशराम चौहान को साथ में लेकर बिस्टान पुलिस थाने पहुंचा। जब हम लोगोन ने पुलिस एसआई (SI) मधुबाला बघेल से बात करना चाही तो वो उन्होने हमसे सही ढंग से बात नहीं की। इसके बाद हमने थाना प्रभारी टीआई साहब अजय तिवारी से बात की तो उनका कहना था कि केवल एक तुम्हारी ही रिपोर्ट नहीं है जिसके लिए हम दौड़ते रहें।
फिर मैंने अपनी पूरी टीम को साथ में लिया और पीड़ित केशराम चौहान को बुलाकर मैंने सबसे पहले सीएम (CM) हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।, उसके दूसरे दिन हमने डीआईजी साहब (पुलिस उप महानिरीक्षक) को आवेदन दिया और दोषियों के साथ-साथ हमनें पुलिस वालों के ऊपर भी कठोर से कठोर और जल्द से जल्द कार्यवाही की मांग की। फिर 8-9 दिन के बाद मुझे थाना प्रभारी (टीआई) साहब की शाम को लगभग 7:30 पर एक कॉल आयी। उन्होने मुझे सीएम हेल्पलाइन 181 पर से शिकायत वापस लेने के लिए कहा, और यह भी कहा कि आगे से आपकी किसी भी शिकायत पर हम उचित कार्यवाही करेंगे। जब टीआई साहब को उसकी नानी याद आ गई तो वह बोलता है कि अब मेरे को मेरी नानी याद आ गई, अब हम आगे से शिकायत दर्ज करेंगे। लेकिन जब तक कार्यवाही नहीं हुई, तब तक हमने शिकायत वापस नहीं ली, और हम पीड़ित केशराम चौहान को न्याय दिलाकर ही रहेंगे। इस पर न्यूज़ पेपर में भी खबर छपी है। इस तरह मैं हर जगह गरीब लोगों की दबी हुई आवाज़ को उठाने का काम करता हूं, और उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करता हूँ।

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