कभी न विटामिन भूलना

रासमानी तांती:

झारखंड के चाईबासा क्षेत्र से रासमानी तांती, सामाजिक परिवर्तन शाला से जुड़ी हैं। युवानिया के इस अंक के लिए रासमानी ने एक बहुत ही दिलचस्प कविता लिखी है जो पौष्टिक आहार के बारे में जानकारी देती है। गाने का सार यही बताता है कि खाने की थाली में क्या-क्या ज़रूरी फल, सब्ज़ी, दालें, इत्यादि खानी चाहिए, जिस से व्यक्ति अलग-अलग बीमारियों से बच सके।

खाने के टेम (टाइम) पे

खाने के टेम (टाइम) पे, आना तू मेस पे
कभी न विटामिन भूलना, रोज-रोज मुझे खाना -2

गाजर, पपीता में तुम पाए जाते हो,
आम, नारंगी में तुम रहते हो -2
विटामिन “ए ” जरूर खाना, रतौंधी को दूर भगाना
खाने के टेम पे…. कभी न विटामिन भूलना….

हरी हरी पत्तियों में तुम पाए जाते हो,
दाल, दूध, अंडा में तुम रहते हो -2
विटामिन “बी” जरूर खाना, बेरी बेरी को दूर भगाना
खाने के टेम पे…. कभी न विटामिन भूलना….

खट्टे – मीठे फलों में तुम पाये जाते हो,
नींबू आंवला संतरा में तुम रहते हो, 
विटामिन “सी” जरूर खाना, स्कर्वी को दूर भगाना -2
खाने के टेम पे…. कभी न विटामिन भूलना….

अंडा, दूध, शरीफा में तुम पाए जाते हो,
सूर्य की रोशनी में तुम रहते  हो -2
विटामिन “डी” जरूर खाना, रिकट्स को दूर भगाना -2
खाने के टेम पे…. कभी न विटामिन भूलना….

पौष्टिक तत्व में तुम पाए जाते हो,
चने, गुड़, सोयाबीन में तुम रहते हो,
आयरन गोली जरूर खाना, एनीमिया को दूर भगाना -2
खाने के टेम पे…. कभी न विटामिन भूलना….

खाने के टेम (टाइम) पे, आना तू मेस पे
कभी न विटामिन भूलना, रोज-रोज मुझे खाना -2

Author

  • रासमनी, झारखंड के पश्चिम सिंहभूम ज़िले से हैं और सामाजिक परिवर्तन शाला से जुड़ी हैं। परिवार में सबसे छोटी, रासमनी पी.जी. फर्स्ट सेम्सेटर में क्षेत्रीय भाषा (हो) ऑनर्स की पढ़ाई कर रही हैं। बच्चपन से ही उनको समाज सेवा करने का बहुत मन था, जिसको वह अब काम के ज़रिए और व्यक्तिगत तौर पर कर रही हैं

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