इंदु सिंह: कलम आधी नहीं हो सकतीकलम पीछे नहीं लौट सकतीजितनी बंदूके हैं दुनिया मेंपेंसिल कलम उनसे ज़्यादातादाद में, एक… READ MORE
शुभम पांडे: भारतीय समाज के परिप्रेक्ष्य में बात करें तो हमेशा से ही शादी-विवाह, समाज में यश स्थापित करने और… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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