शिवांशु: मुझे याद है हम शहर में रहते थे और अपने गाँव कभी-कभी जाते थे। फिर एक दिन पापा हम… READ MORE
जंग हिंदुस्तानी: जंगल के बीचों-बीच बसे इस गाँव में आज काफी चहल-पहल थी। इस गाँव में दोनों तरफ से नदी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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