दीपक रंजीत : कैसे एक मृतप्राय आंदोलन को – “उत्तराखंड मेरी मातृभूमि, उत्तराखंड मेरी पितृभूमि” – गीत गाकर फिर से… READ MORE
गोपाल लोधियाल: पहाड़ों में हैं गाँव सूने, तुम चले हो जश्न मनाने?जो पीड़ा थी तब हिया में, वही आज भी… READ MORE
युवानिया डेस्क: बल्ली सिंह चीमा का जन्म 2 सितम्बर, 1952 में चीमाखुर्द गाँव, अमृतसर ज़िला, पंजाब में हुआ था। इनकी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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