खेतवा के अरी-अरी, घुमे छै किसान हो

(ठेठी लोकगीत) अखिलेश: खेतवा के अरी-अरीघुमे छै किसान होsssपूरबी बयरिया मे काटे पटुआ धान हो…x 2खेतवा के अरी-अरी…x 2 आगू-आगू बैल चलेपीछु से किसनवा होsss खेतवा

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