लड़कियों को परिवारों द्वारा मज़बूत पितृसत्तात्मक मान्यताओं और प्रथाओं के साथ पाला जाता है। कंडीशनिंग ऐसी है कि अधिकांश लड़कियां… READ MORE
दयानंद बछा (ଦୟାନନ୍ଦ ବଛା): ଯଦିଓ ଆଜି ପଙ୍କରେ ଫୁଟିଥିବାପଦ୍ମ ଟିଏ ପରିନିଭୃତ ଅରଣ୍ୟର କଣ୍ଟାବୁଦାରେବଣ ମଲ୍ଲୀ ଟିଏ ଭଲିଫୁଟିଛି ଏଇ ଅଜ୍ଞାତ ବଣରେମହକାଇବି ଦିନେ ସାରା… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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