नीतिशा खलखो : दृश्य : चाय की चुस्कियों में घुला हुआ माहौल। वीर : पता है कल वीसी ऑफिस में… READ MORE
विश्वजीत नास्तिक: क्या हुआ आपको?क्या हुआ आपको?सत्ता के नशे मेंभूल गए वादे को गरीबी हटाएँगे,बेरोज़गारी हटाएँगे,युवाओं को नौकरियाँ देंगेंकंपनियाँ लगाएँगेहं… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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