अमित: इस साल टिटवड़ी नें चार अण्डे दिये थे। लोग खुश थें कि अच्छी बरसात होगी। पश्चिम भारत में आदिवासियों… READ MORE
सोनामुनी मुर्मू: ପହିଲି ପରଶ ବର୍ଷା ରାଣୀର,ମନରେ ଜାଗି ଉଠିଲା ତୁପ୍ତି ଆନନ୍ଦର। ବର୍ଷା ର ସ୍ପର୍ଶ ପାଇ ଖୋଲିଲା ଆଖିପତା,ହସି ଉଠିଲା କେତେ ଯେ ତରୁଲତା… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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