अंजू मल्होत्रा: मैं और मेरी तन्हाई,अक्सर ये बातें करते हैं,आप होते तो कैसा होता,आप ये कहते, मैं वो कहती,आप इस… READ MORE
संजीव कुमार : कुछ पल बैठूं तेरे साथबयां करूं अपने हालत,जिंदा हूं कैसे यह,सहकरज़बरन भ्रष्टाचारी कुविचार। कह रहे हैं लोग… READ MORE
नंदिनी शर्मा : आज का युवा परेशान है, अपनी खुशी की तलाश में।उलझे जहाँ में ज़िद मन-मर्जी करने वाला,युवा आज… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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