मधुरेश कुमार : सबसे ख़तरनाक होता है हमारे सपनों का मर जाना…अवतार सिंह ‘पाश’ अनिल चौधरी उर्फ़ अनिल दा, ऐसे… READ MORE
प्रथ्वीराज सिंह: ” कुछ पल भले हीमृत्यु के होंहोते हैं उत्सव जैसे जैसे रात सोयेखाने के बाद औरसुबह की चाय… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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