आनंद अंबादास कंजे: भारत हा मुळात कृषिप्रधान देश असल्यामुळे आजही सर्वाधिक रोजगार हा शेतीमधूनच मिळतो। तसेच भारतातील सर्वाधिक लोक हे… READ MORE
नम्रता मिश्रा: शहरों के कई इलाकों में सुबह-सुबह कपड़ों के बड़े-बड़े ढेर दिखाई देते हैं। इन ढेरों में से इस्तेमाल… READ MORE
रिपोर्ट: अशोक तांगडे, संकलन – महीपाल सिंह: यह लेख बीड ज़िले में काम कर रहे अशोक तांगडे भाऊ के साथ… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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