गोपाल पटेल; कृष्णा सोलंकी: मैं बक्सवाहा का जंगल हूँ,जो भी कोई जीव मेरी गोद में समाए हुए हैं,मैं उनका लालन-पालन… READ MORE
उमेश्वर: विकास बेटा की चाहत में, मैंने नदी नाला पहाड़ खोद डालाबेटा विकास कहां छिपा है तू?बड़े-बड़े पावर प्लांट चिमनी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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