कविता कृष्णपल्लवी: सुखी-सम्पन्न लोग अक्सरअपने अकेलेपन की बातें करते हैं Iथोड़ी दार्शनिक मुद्रा में अक्सरवे कहते हैं कि सबकुछ होते… READ MORE
मिथुन: गरीबी और जाति का बड़ा ही गहरा रिश्ता है, और ऐसा ही रिश्ता है जाति और अशिक्षा का। जहां… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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