हफ़्सा नाज़: सुना है मौसम बहुत ख़ुशगवार हैसुना है मौसम बहुत ख़ुशगवार है।।उनके लिए जिन्हें मौक़ा मिल गया हैखुलेआम रेप… READ MORE
अंतर निगवाले : बरखा आई धरती हँसी,घनघोर घटा गगन में बसी।ढोल मांदल बजे गाँव में,धरा में खेती किसानी हवाएं चलीहरिया… READ MORE
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सदरे आलम: मैं हूँ बवानाबवाना पुनर्वास कॉलोनीकुछ लोग मुझे बवाना जे. जे. कॉलोनी के नाम से भी पुकारते हैंमुझे कहाँ-कहाँ… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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