ज़ैनब फातिमा: कुछ इमारतें सिर्फ ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं होतीं, वे हमारी यादों और हमारी पहचान की नींव… READ MORE
विलास भोंगाडे: मेरी प्राथमिक शिक्षा जिल्हा परिषद प्राथमिक शाळा में हुई। सातवी कक्षा तक थी। याने सात वर्ग खोलियाँ थीं।… READ MORE
मोहित लोधियाल: मेरे लिए स्कूल केवल वह जगह नहीं है जहाँ किताबों के अध्याय पूरे किए जाते हैं और परीक्षाएँ… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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