गुफरान: भारतीय लोकतंत्र की चर्चा जब भी होती है, एक शब्द बार-बार सामने आता है। संवैधानिक नैतिकता। यह शब्द सुनने… READ MORE
विकास कुमार: भारत के संविधान को बने 74 वर्ष हो गए हैं। 26 नवंबर 1949 को देश की संविधान सभा… READ MORE
हरित परसेंडिया: लेख में व्यक्त किए विचार युवा साथी के स्वयं के हैं यूनिफॉर्म सिविल कोड का मतलब यह है… READ MORE
दिपक कांबळे: संविधान आपल्या जीवनाबरोबर आणि जीवनानंतरही आहे। आपल्या जन्मा आधीपासून ते मृत्यूनंतर सुद्धा संविधान आपल्या सोबत असते, आपल्या हितासाठी… READ MORE
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बालाजी हालगे: 15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता मिली। तब स्वतंत्र भारत का कारोबार चलाने के लिए देश की… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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