गुफरान: भारतीय लोकतंत्र की चर्चा जब भी होती है, एक शब्द बार-बार सामने आता है। संवैधानिक नैतिकता। यह शब्द सुनने… READ MORE
नेहा कुमारी: भीमराव थे बहुत महानकरते थे सबका सम्मान।। छुआछूत से था लाचारसंविधान लिखकर बना अपार।। दलित के नाम पर… READ MORE
ओमप्रकाश वाल्मीकि: दलित साहित्य के अग्रणी लेखकों, विचारकों और कवियों में से एक ओमप्रकाश वाल्मीकि का जन्म 30 जून, 1950… READ MORE
नीतू: वीमेन इंपावरमेंट यानी ‘महिला सशक्तीकरण’ कई साल से फैशन में है। सरकारों के साथ बहुत सी गैर सरकारी संस्थाएं… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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