संजय पराते: यदि पत्रकारिता लोकतंत्र की जननी है या पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं, तो यकीन मानिए, 3 जनवरी… READ MORE
शैलेश समावेसी : सुबह से ही गाँव में बहुत चहल-पहल और शोर-शराबा देखने और सुनने को मिल रहा था। कोई… READ MORE
छोटू सिंह रावत: हमारे देश में दो तरह के स्कूल है- सरकारी स्कूल और प्राइवेट स्कूल। सरकारी स्कूल में गरीब… READ MORE
युवानिया डेस्क : संविधान दिवस जिसे “राष्ट्रीय कानून दिवस” के रूप में भी जाना जाता है, भारत में हर साल… READ MORE
बिन्दु द्वारा संकलित : सितंबर 2024 में हुई भारी बारिश ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर ज़िले के रुद्रापुरा गाँव में… READ MORE
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रिया व आकांशा: प्राचीनकाल में जब लोगोंं की संख्या कम थी और चारों ओर घना जंगल हुआ करता था। उस… READ MORE
राजकुमार सिन्हा: भारत में आदिवासियों/मूलनिवासियों का जंगलों से रिश्ता सहअस्तित्व के सिद्धांत पर आधारित है। ऐतिहासिक दृष्टि से वन एवं… READ MORE
विलक्षण बौद्ध: अन्तर्राष्ट्रीय मूलनिवासी-आदिवासी दिवस के अवसर पर भारत के सभी मूलनिवासियों (अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्गों एवं धर्मान्तरित… READ MORE
रिया खत्री एवं रोहित: हाल ही में हमारे देश में तीन नये आपराधिक कानून लागू हुए हैं, जो कि भारतीय… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
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