आज जिनके हाथों में हल है…

प्रदीप: आज जिनके हाथों में हल है,मत भूलना उन्हीं के हाथों में तुम्हारा कल है।जो अपने हाथों से पूरे देश को खिलाता है,ये उन किसानो

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