बारेली भाषा का गीत

पप्पू आर्य:

कोरोना कालो मा घन बुरो छे हाले वो – 2
अ काकी ऐ काका
अ भाभी ऐ दादा 
लॉकडाउन पालन करता रहूँ रे – 2 

साबुन-सी हाथ धुवीने दूर-दूर ते रहूँ रे 
अ काकी ऐ काका
अ भाभी ऐ दादा 
लॉकडाउन पालन करता रहूँ रे – 2 

कोरोना कालो मा घन बुरो छे हाले वो – 2

मिर्ची रूटू, मोहयने राबड्डी घर पर ते खाइने – 2
अ काकी ऐ काका
अ भाभी ऐ दादा 
लॉकडाउन पालन करता रहूँ रे – 2

भीड़-भाड़ वाली जगह पर तुम मत जाऊ रे – 2
शादी-ब्याह, पार्टी रैली मा मत जाऊ रे – 2 
अ काकी ऐ काका
अ भाभी ऐ दादा 
लॉकडाउन पालन करता रहूँ रे – 2 

कोरोना कालो मा घन बुरो छे हाले वो – 2

खांसी सर्दी झूखाम हय ती,
डॉक्टर के बताऊ रे – 2
अ काकी ऐ काका
अ भाभी ऐ दादा 
लॉकडाउन पालन करता रहूँ रे – 2 

कोरोना कालो मा घन बुरो छे हाले वो – 2
आपनी सेफ्टी खातिर दादा
मास्कों बान्दीन रहूँ रे – 2
अ काकी ऐ काका
अ भाभी ऐ दादा 
लॉकडाउन पालन करता रहूँ रे – 2 

कोरोना कालो मा घन बुरो छे हाले वो – 2
अ काकी ऐ काका
अ भाभी ऐ दादा 
लॉकडाउन पालन करता रहूँ रे – 2 

Author

  • पप्पू, मध्य प्रदेश के बड़वानी ज़िले से हैं और सामाजिक परिवर्तन शाला से जुड़े हैं। वह वहाँ के स्थानीय मुद्दों और छात्र मुद्दों पर आदिवासी छात्र संगठन के साथ जुड़ कर काम कर रहे हैं।

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