आज की व्यवस्था में मीडिया की भूमिका

देवीराम भलावी:

भाइयों और बहनों मीडिया क्या है इसके बारे में आप सभी लोग अच्छी तरह से परिचित हैं। मीडिया एक ऐसा ज़रिया है जिसके माध्यम से हम लोग समाज और देश-दुनिया में होने वाली गतिविधियों के बारे में जान सकते हैं। लेकिन वर्तमान में यह मीडिया सिर्फ कुछ लोगों के हाथ की कठपुतली बन कर रह गया है। मीडिया सिर्फ पूँजीपतियों, कंपनियों, फ़ैक्टरियों आदि का ही प्रचार आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

यह पूंजीवादी व्यवस्था सिर्फ अपने मुनाफ़े का ही सोचती है, आम जनता से इसे कोई लेना-देना नहीं है। आजकल मीडिया का काम सिर्फ यह रह गया है कि किस तरह से पूँजीपतियों के उत्पादों को आम जनता को बेचा जाए। मीडिया जातिवाद को भी बढ़ावा दे रही है और सवर्ण लोगों की परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक प्रकार की सामाजिक घटनाएँ और दुर्घटनाएँ हो रही हैं, पर उन खबरों को मीडिया द्वारा जगह नहीं दी जा रही है। इसका सार यही निकलता है कि मीडिया नही चाहती कि अलग-अलग क्षेत्रों में क्या हो रहा है इसकी जानकारी आम लोगो तक पहुंच पाए। मीडिया को लगता है कि यदि आम नागरिक सब कुछ जान जाएंगे तो वह अपने खिलाफ होने वाले शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाएंगे। इसका सीधा-सीधा मतलब यह निकलता है कि मीडिया आम जनता को गुमराह करना चाह रही है।

इस रणनीति को आप भली प्रकार से समझ सकते हैं, आम जनता इन्हीं सारी उलझनों में उलझी रहे और अपने दमन और शोषण के खिलाफ आवाज़ न उठाए। इस तरह सरकारें जनता पर नियंत्रण पाना चाहती हैं।

Author

  • देवीराम, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से हैं और सामाजिक परिवर्तन शाला से जुड़े हैं। गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन के ज़िला अध्यक्ष देवीराम स्थानीय छात्र मुद्दों और आदिवासी मुद्दों पर काम कर रहे हैं।

Leave a Reply