झारखंड में संचालित सामाजिक परिवर्तन शाला के दूसरे बैच के तीसरे शिविर में शामिल एक प्रतिभागी का अनुभव अजय माझी… READ MORE
भरत भट्ट: दूर कहीं एक दीपक जल रहा था,मेरे जेहन में तुम्हारा ख्याल पल रहा था,तुम्हें सोचते सोचते रात इतनी… READ MORE
नंदिनी शर्मा: नौकरी जीवन का एक हिस्सा है,पर पूरा जीवन नहीं।।यह बात जानते हुए भीहम काम के बीच कहीं इसे… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress