विकास कुमार: “मुझे महसूस होता है कि मेरे हाथों में खून हैं।” यह शब्द परमाणु बम के पिता कहे जाने… READ MORE
विकाश कुमार: सामाजिक कार्यकर्ता कुमार दिलीप, खेती-किसानी में काफी रुचि रखते हैं। उन्होंने झारखंड के हजारीबाग ज़िले में स्थित गुडुआ… READ MORE
विकास कुमार: मुम्बई के एक फ्लाईओवर की ऊँचाई पर पहली बार पहुँचकर, अपने पुराने से कबाड़ साईकल पर सवार कश्मीरी… READ MORE
युवानिया पत्रिका, युवाओं को उनकी सोच को कलमबद्ध करने का एक मंच देने का प्रयास है। इस पत्रिका के माध्यम से हम मुख्यतः युवा मन के विचारों को सामने लाना चाहते हैं। साथ ही आस-पास के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिदृष्य पर युवाओं के विचारों को भी साझा करना चाहते हैं।
Designed with WordPress